कस्तूरी क्या है और कहाँ मिलती है?
इसे सुनेंरोकेंकस्तूरी मृग मोस्खेडाए परिवार का सदस्य है और यह नेपाल, भारत, पाकिस्तान, तिब्बत, चीन, साइबेरिया, और मंगोलिया में पाया जाता है। कस्तूरी को प्राप्त करने के लिए, हिरण को मार डाला जाता है और उसकी ग्रंथि जिसे “कस्तूरी फली” भी कहा जाता है को निकाल दिया जाता है।
कस्तूरी मृग का मुख्य भोजन क्या है?
इसे सुनेंरोकेंहिमालयी घास-पात, फूल, जड़ें, झाड़ियाँ और जड़ी-बूटियाँ ही इसका प्रमुख भोजन हैं. ये एकांतवासी जीव हैं, ऋतुकाल के अलावा सामान्यतः समूह में रहना पसंद नहीं करते. कस्तूरी मृग की सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है.
हिरण के नाभि में क्या पाया जाता है?
इसे सुनेंरोकेंनाभि में सुगंधित धारा अपनी आकर्षक खूबसूरती के साथ-साथ यह जीव नाभि से निकलने वाली खुशबू के लिए मुख्य रूप से जाना जाता है जोकि इस मृग की सबसे बड़ी खासियत है। इस मृग की नाभि में गाढ़ा तरल (कस्तूरी) होता है जिसमें मनमोहक खुशबू की धारा बहती है।
मृग सिल्प क्या है?
इसे सुनेंरोकेंहिरण 2. कामशास्त्र के अनुसार चार प्रकार के पुरुष-भेदों में से एक 3. चंद्रमा में झलकने वाला काला दाग 4.
कस्तूरी किसकी प्रतीक है 1 Point?
इसे सुनेंरोकें✎… कबीर की साखी में कबीर के अनुसार कस्तूरी ईश्वर का प्रतीक है, क्योंकि कस्तूरी हिरण की नाभि में पाई जाती है, लेकिन इस बात से अनजान होता है। हिरण कस्तूरी से निकलने वाली सुगंध के कारण इधर उधर जंगल में ढूंढता फिरता है, जबकि वह सुगंध उसकी नाभि में मौजूद कस्तूरी से ही आ रही होती है।
राम और कस्तूरी में क्या संबंध है?
इसे सुनेंरोकेंराम और कस्तूरी में क्या समानता है? (a) दोनों तरल पदार्थ हैं। (b) दोनों सुगंधित हैं।
मृग की नाभि में क्या होती है?
इसे सुनेंरोकेंनाभि में सुगंधित धारा अपनी आकर्षक खूबसूरती के साथ-साथ यह जीव नाभि से निकलने वाली खुशबू के लिए मुख्य रूप से जाना जाता है जोकि इस मृग की सबसे बड़ी खासियत है। इस मृग की नाभि में गाढ़ा तरल (कस्तूरी) होता है जिसमें मनमोहक खुशबू की धारा बहती है। कस्तूरी केवल नर मृग में ही पाया जाता है।
क्या कहते हैं कामरूपी कस्तूरी?
1. नेपाली कस्तूरी – नेपाल देश के हिरणों से नील वर्ण की कस्तूरी पाई जाती है | 2. कामरूपी कस्तूरी – आसाम क्षेत्र के हिरणों से प्राप्त कस्तूरी जो काले रंग की होती है उसे कामरूपी कस्तूरी बोलते है | 3. कश्मीरी कस्तूरी – भारत में कश्मीर के हिरणों से प्राप्त कस्तूरी पीताभ होती है | वही कश्मीरी कस्तूरी है |
क्या है कस्तुरी का नाम?
कस्तुरी नाम संस्कृत के muṣká शब्द से बना है जिसका अर्थ है अंडकोस | कस्तूरी नाम एक तीखी गन्ध वाले पदार्थ को दिया जाता है कस्तूरी के ऊपर बाल होते है और अन्दर कलोंजी , इलायची के दाने की तरह दाने निकलते है जो नर हिरन की नाभि और गुदा क्षेत्र में उपस्थित एक ग्रंथि से प्राप्त होती है यह एक बिना सिंग वाला हिरन होता है
क्या होता है काली खांसी?
काली खांसी – काली खांसी में सरसों के दाने के सामान कस्तूरी को मक्खन में मिला कर खाने से जल्दी काली खांसी ठीक हो जाती है |अगर आप के मन में कस्तूरी से संबंधित कोई भी सवाल या सुझाव है तो हमें निचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करे | जल्द ही आपकी सहायता की जावेगी |
1. नेपाली कस्तूरी – नेपाल देश के हिरणों से नील वर्ण की कस्तूरी पाई जाती है | 2. कामरूपी कस्तूरी – आसाम क्षेत्र के हिरणों से प्राप्त कस्तूरी जो काले रंग की होती है उसे कामरूपी कस्तूरी बोलते है | 3. कश्मीरी कस्तूरी – भारत में कश्मीर के हिरणों से प्राप्त कस्तूरी पीताभ होती है | वही कश्मीरी कस्तूरी है |
कस्तुरी नाम संस्कृत के muṣká शब्द से बना है जिसका अर्थ है अंडकोस | कस्तूरी नाम एक तीखी गन्ध वाले पदार्थ को दिया जाता है कस्तूरी के ऊपर बाल होते है और अन्दर कलोंजी , इलायची के दाने की तरह दाने निकलते है जो नर हिरन की नाभि और गुदा क्षेत्र में उपस्थित एक ग्रंथि से प्राप्त होती है यह एक बिना सिंग वाला हिरन होता है
काली खांसी – काली खांसी में सरसों के दाने के सामान कस्तूरी को मक्खन में मिला कर खाने से जल्दी काली खांसी ठीक हो जाती है |अगर आप के मन में कस्तूरी से संबंधित कोई भी सवाल या सुझाव है तो हमें निचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करे | जल्द ही आपकी सहायता की जावेगी |