कैसे पंजाब को कम जल स्तर की समस्या को दूर कर सकते हैं?

कैसे पंजाब को कम जल स्तर की समस्या को दूर कर सकते हैं?

इसे सुनेंरोकेंदूर संचार माध्यमों, प्रचार साधनों के माध्यम से जल-संकट की समस्या जन-जन तक पहुँचाकर जन-मानस को सचेत करने की भी आवश्यकता है। गंदे नालों में बहते मल-जल तथा उद्योगों द्वारा निष्कासित प्रदूषित जल के भी नियंत्रण की आवश्यकता है। जल से विद्युत उत्पादन, नौका संचालन, फसलों की सिंचाई, सीवेज की सफाई आदि भी सहज ही संभव हो जाती है।

पानी को कैसे संरक्षित किया जा सकता है?

जल संरक्षण के उपाय

  1. हर नागरिक में जल संरक्षण हेतु जागरूकता लानी होगी।
  2. हर नागरिक शावर की जगह बाल्टी में पानी भरकर स्नान करें।
  3. सेविंग करते समय नल बंद रखें।
  4. बर्तन धुलते समय नल के स्थान पर टब का प्रयोग करें।
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वर्षा जल संग्रहण के मुख्य तरीके कौन कौन से हैं?

इसे सुनेंरोकेंस्थानीय स्तर पर वर्षा के पानी का संचयन या संग्रहण को या तो जलाशयों, टैंकों या झीलों में जल को संग्रहित करके रखने के माध्यम से हो सकता है अथवा भूमिगत जल के पुनर्भरण द्वारा किया जा सकता है। ये पानी की आपूर्ति बढ़ाने के सरल उपाय हैं।

क्या हम भूमि के नीचे से निरंतर जल निकाल सकते हैं ऐसा करने में बहुत जल स्तर पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

इसे सुनेंरोकेंAnswer: भूमि के नीचे से निकाले गए भौमजल की पुनःपूर्ति प्रायः वर्षाजल के अवस्रवण (रिसाव) द्वारा हो जाती है। भौमजल स्तर तब तक प्रभावित नहीं होता, जब तक कि हम केवल उतना ही जल निकालते हैं जितने की प्राकृतिक प्रक्रमों द्वारा पुनःपूर्ति हो जाती है। तथापि, जल की पर्याप्त रूप से पुनःपूर्ति न होने पर भौमजलस्तर नीचे गिर सकता है।

पानी की कमी के मुख्य कारण क्या हैं?

इसे सुनेंरोकेंसाफ़ पानी के स्रोत जनसंख्या की तुलना में बहुत कम रह गए हैं और यह पानी की कमी के प्रमुख कारणों में से एक है। जल प्रबंधन प्रणाली का अभाव : हमारे देश में, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। जब उचित बारिश होगी तो पानी की कमी नहीं होगी। बढ़ते उद्योग और शहरीकरण वनों की कटाई के मुख्य कारण हैं।

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जल संरक्षण क्यों आवश्यक है आप जल संरक्षण कैसे कर सकते हैं?

इसे सुनेंरोकेंजल संरक्षण का अर्थ पानी बर्बादी तथा प्रदूषण को रोकने से है। जल संरक्षण एक अनिवार्य आवश्यकता है क्योंकि वर्षाजल हर समय उपलब्ध नहीं रहता अतः पानी की कमी को पूरा करने के लिये पानी का संरक्षण आवश्यक है। एक अनुमान के अनुसार विश्व में 350 मिलियन क्यूबिक मील पानी है। इसमें से 97 प्रतिशत भाग समुद्र से घिरा हुआ है।

विजयनगर शासकों ने वर्षा जल संचयन के लिए क्या कार्य किए?

इसे सुनेंरोकेंAnswer: विजयनगर के राजाओं ने न सिर्फ सिंचाई के लिए उपयुक्त जलाशयों का निर्माण करवाया, बल्कि कुछ हद तक, लोगों को स्वयं भी सिंचाई साधन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। सिंचाई के तीन प्रमुख प्रकार के स्त्रोत हैं, जलाशय, नदियों पर निर्मित बांध और उनसे निकाले गए नाले और कुएं।

वर्षा जल संचयन की तकनीक क्या है?

इसे सुनेंरोकेंसंचयन के तरीके आमतौर पर सतही फैलाव तकनीक अपनाई जाती है क्योंकि ऐसी प्रणाली के लिए जगह प्रचुरता में उपलब्ध होती है तथा पुनर्भरित जल की मात्रा भी अधिक होती है। शहरी क्षेत्रों में छत से प्राप्त वर्षा जल का भण्डारण करने की कुछ तकनीके इस प्रकार से हैं: पुनर्भरण पिट (गड्ढा), पुनर्भरण खाई, नलकूप और पुनर्भरण कूप, आदि।

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महासागरों में ताजे जल की प्रतिशतता कितनी है?

इसे सुनेंरोकेंपानी पृथ्वी पर वितरित किया जाता है। पृथ्वी के वायुमंडल और परत में अधिकांश पानी महासागर के नमकीन समुद्री जल से आता है, जबकि ताजे पानी का कुल 2.5% हिस्सा होता है।

भूजल स्तर गिरने का क्या कारण है?

इसे सुनेंरोकेंपूरे देश में इसके लिए कोई प्रयास नहीं करते हैं. देश में पानी के 80-85 प्रतिशत पेयजल की आपूर्ति भूमिगत जल से परम्परागत स्रोत कम वर्षा व बेतरतीब दोहन के चलते होती है. जबकि सिंचाई में 60-65 प्रतिशत भूमिगत खत्म होते जा रहे हैं इस कारण भूजल स्तर घटता जा जल का प्रयोग किया जाता है.