मद्र देश कहाँ है?

मद्र देश कहाँ है?

इसे सुनेंरोकेंकेकय प्रदेश से ही सटा हुआ मद्र देश का आशय जम्मू-कश्मीर से ही है। एतरेय ब्राह्मण के मुताबिक, हिमालय के नजदीक होने की वजह से मद्र देश को उत्तर कुरू भी कहा जाता था। महाभारत काल में मद्र देश के राजा शल्य थे, जिनकी बहन माद्री का विवाह राजा पाण्डु से हुआ था। नकुल और सहदेव माद्री के पुत्र थे।

जयपुर की क्या चीज मशहूर है?

इसे सुनेंरोकेंहवा महल, सिटी पैलेस, नाहरगढ़ किला, जल महल आदि बहुत-से जयपुर के दर्शनीय स्थल आप यहाँ देख पाऐंगे। जयपुर का मशहूर भोजन क्या है? बहुत-सी राजस्थानी भोजन यहाँ बहुत मशहूर है जिसमें सबसे ऊपर नाम आता है-दाल बाटी चूरमा का। घेवर, प्याज़ कचौड़ी, केर संगरी, गट्टे की सब्ज़ी, मावा कचौड़ी आदि बहुत-से पारंपरिक भोजन आपका मन ललचा देंगे।

हैदराबाद में क्या क्या मशहूर है?

यहाँ हैदराबाद में सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों की सूची दी गई है; जिन्हें आपको याद नहीं करना चाहिए:

  • 12 हैदराबाद में घूमने के लिए अतुल्य पर्यटन स्थल:
  • चारमीनार। Charminar, Hyderabad:
  • गोलकुंडा किला।
  • रामोजी फिल्म सिटी।
  • हुसैन सागर झील।
  • बिरला मंदिर।
  • बिरला मंदिर हैदराबाद अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
  • जल विहार।

महाभारत काल में कितने राज्य थे?

इसे सुनेंरोकेंमहाभारत काल में अखंड भारत के मुख्यत: 16 महाजनपदों (कुरु, पंचाल, शूरसेन, वत्स, कोशल, मल्ल, काशी, अंग, मगध, वृज्जि, चे‍दि, मत्स्य, अश्मक, अवंति, गांधार और कंबोज) के अंतर्गत 200 से अधिक जनपद थे।

जयपुर में क्या खाये?

दाल बाटी चूरमा, विरासत रेस्तंरा दाल-बाटी-चूरमा के बिना राजस्थान की यात्रा अधूरी मानी जाती है.

  • प्याज़ कचौड़ी, रावत मिष्ठान भंडार
  • घेवर, लक्ष्मी मिष्ठान भंडार
  • चावला और नंद के गोलगप्पे
  • मसाला चाय, गुलाब जी चायवाला
  • पाव भाजी, पंडित पाव भाजी स्टॉल
  • कैर-सांगरी, घरों की ख़ास डिश
  • लस्सी, जयपुर का लस्सीवाला
  • पांचाल देश के राजा कौन थे?

    इसे सुनेंरोकेंपांचाल देश के राजा द्रुपद और द्रोणाचार्य बचपन के मित्र थे। एक दिन जब द्रोणाचार्य राजा द्रुपद से मिलने गए तो द्रुपद ने उनका बहुत अपमान किया। अपने अपमान से आहत होकर द्रोणाचार्य हस्तिनापुर आ गए। यहां आकर भीष्म के कहने पर उन्होंने पांडव और कौरवों को अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान दिया।

    पांचाल का आधुनिक नाम क्या है?

    इसे सुनेंरोकेंपांडवों की पत्नी द्रौपदी को पंचाल की राजकुमारी होने के कारण पांचाली भी कहा गया। कनिंघम के अनुसार वर्तमान रुहेलखंड उत्तर पंचाल और दोआबा दक्षिण पंचाल था। पांचाल वर्तमान रुहेलखंड का प्राचीन नाम था। इसका यह नाम राजा हर्यश्व के पांच पुत्रों के कारण पड़ा था।